स्वाभिमान न्यूज़ | बलौदाबाजार/बारनवापारा
जिले के बारनवापारा से भोथाही, अमेठी घाट होते हुए जिला मुख्यालय बलौदाबाजार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित बालमदेही नदी का पुल पिछले छह वर्षों से क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के 25 से 30 गांवों के हजारों ग्रामीणों को हर वर्ष बारिश के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद पुल का न तो पुनर्निर्माण हुआ और न ही स्थायी मरम्मत कराई गई।
जानकारी के अनुसार पाड़दाह और सैहाभाठा के बीच वन क्षेत्र में बालमदेही नदी पर वर्ष 2005-06 में पुल का निर्माण किया गया था। वर्ष 2019 में हुई भारी बारिश के दौरान पुल का मध्य पिलर क्षतिग्रस्त होकर ढह गया, जिससे पुल का लेंटर 'वी' आकार में झूल गया और सुरक्षित आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। तब से ग्रामीण हर वर्ष टूटे हिस्से में मुरुम डालकर अस्थायी मार्ग तैयार करते हैं, लेकिन बारिश के साथ यह व्यवस्था भी बह जाती है।
इस वर्ष 5 और 6 जुलाई को हुई बारिश में भी पुल पर डाला गया मुरुम बह जाने से स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों तथा दैनिक आवागमन करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्रशासन से तत्काल राहत नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से पुल के दोनों ओर ईंट और सीमेंट की मजबूत दीवार बनवाई तथा बीच में मुरुम भरकर आवागमन फिर से शुरू कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है, जो लोगों की तत्काल परेशानी को देखते हुए मजबूरी में की गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में लोकनाथ रात्रे, धरम रात्रे, अश्वनी कैवर्त, इंद्रा कुमार प्रभाकर, गंगादेव चतुर्वेदी सहित क्षेत्र के अनेक ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग और श्रमदान किया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह वर्षों में कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन सौंपे गए, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने शासन से मांग की है कि बालमदेही नदी के क्षतिग्रस्त पुल का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके।


