बूढ़ी माई मंदिर भूमि का सीमांकन आंशिक, शुक्रवार को दोबारा होगा कार्य

स्वाभिमान न्यूज़ | आंजनेय पांडेय, कैफ खान

रायगढ़। बहुप्रतीक्षित बूढ़ी माई मंदिर भूमि का सीमांकन कार्य सोमवार को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हुआ, जो सूर्यास्त के कारण अधूरा रह गया। अब शेष सीमांकन कार्य शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को प्रातः 10 बजे पुनः किया जाएगा।



सीमांकन कार्य की शुरुआत रेलवे फाटक से होकर रुक्मणि विहार तक की गई। इस दौरान राजस्व विभाग के आरआई, पटवारी सहित संयुक्त जांच दल मौके पर मौजूद रहा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से देवेंद्र पाण्डेय, राजू पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सीमांकन के दौरान रुक्मणि विहार, सिद्धेश्वर नेत्रालय, अघरिया सदन सहित अन्य स्थलों की नाप-जोख कर पॉइंट बनाकर नक्शे से मिलान किया गया।


गौरतलब है कि तत्कालीन तहसीलदार द्वारा सीमांकन प्रक्रिया के लिए कुल 26 लोगों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किया गया था। इनमें शिवकुमार नायक, प्रहलाद पटेल, रोहित महंत, गोपाल कृष्ण जलतारे, दामोदर खेतान, बालकृष्ण जलतारे, अशोक शर्मा, आराधना नायक, अशोक अग्रवाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि., अघरिया सदन, प्रणामी मंदिर, सिद्धेश्वर नेत्रालय, जलतारे होटल, मार्बल दुकान, साहू इलेक्ट्रिकल, सुनील दत्त शर्मा, साहेबराम पटेल, रसिकलाल पांडे, कन्हैयालाल यादव, रामवृक्ष जायसवाल, गांधीराम डनसेना, बंशीधर साहू, दुलीचंद, राजेश गोपाल, किरण देवी तथा आयुक्त नगर निगम शामिल हैं।



बताया जा रहा है कि बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट के नाम पर लगभग 7.36 एकड़ भूमि दर्ज है। सीमांकन के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि इस भूमि के भीतर कई स्थानों पर अतिक्रमण किया गया है। सिद्धेश्वर नेत्रालय का एक हिस्सा, अघरिया सदन की संपूर्ण इमारत तथा रुक्मणि विहार तक जाने वाली सड़क ट्रस्ट की भूमि पर निर्मित बताई जा रही है। इसके अलावा कई दुकानें एवं आवास भी मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर बने हुए पाए गए हैं।


राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को न्यायालयीन तहसीलदार रायगढ़ के प्रकरण क्रमांक 9168/2025, आदेश दिनांक 29 अक्टूबर 2025 के तहत बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन में खसरा नंबर 24/1, 25/1, 36, 37 एवं 52, कुल रकबा 2.954 हेक्टेयर भूमि के सीमांकन की मांग की गई थी। संयुक्त राजस्व जांच दल द्वारा नक्शे के अनुसार मौके पर मिलान कर भूमि को चिन्हांकित किया गया, किंतु सूर्यास्त हो जाने के कारण सीमांकन कार्य पूर्ण नहीं हो सका।


इस संबंध में पंचनामा तैयार कर पढ़कर सुनाया गया तथा उपस्थित पक्षकारों के हस्ताक्षर लिए गए। शेष सीमांकन कार्य 19 दिसंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से पुनः किया जाएगा।

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