स्वाभिमान न्यूज़ | ललित मुखर्जी
महासमुंद/सरायपाली । वनमंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पाण्डे एवं संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली यू.आर. बंसत के निर्देशन में सरायपाली वन विभाग ने अवैध काष्ठ कारोबार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बंसुला स्थित जगदम्बा फर्नीचर मार्ट से भारी मात्रा में अवैध लकड़ी एवं फर्नीचर सामग्री जब्त की है।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सरायपाली प्रत्युष टाण्डेय द्वारा कर्मचारियों की एक टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से बसना–पदमपुर मार्ग पर स्थित जगदम्बा फर्नीचर मार्ट (स्वामी—तुलसी साव, पिता जनक राम साव, निवासी बंसुला) में तलाशी वारंट के साथ नियमानुसार जांच की गई।
तलाशी के दौरान फर्नीचर मार्ट से अवैध सागौन चिरान 334 नग एवं अवैध साल चिरान 140 नग, कुल लगभग 1.540 घन मीटर बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त फर्नीचर मार्ट के पीछे लगभग 700 मीटर दूरी पर रखे गए अवैध सागौन लट्ठा 84 नग (4.000 घन मीटर) तथा अवैध साल लट्ठा 31 नग (लगभग 2.350 घन मीटर) भी जब्त किए गए। इस प्रकार कुल अवैध काष्ठ की मात्रा लगभग 7.890 घन मीटर पाई गई।
इसके साथ ही अवैध रूप से निर्मित फर्नीचर सामग्री में 17 डायनिंग चेयर, 3-सीटर सोफा 6 नग, सिंगल सोफा 6 नग, मंदिर 2 नग, दरवाजा पल्ला 14 नग, दरवाजा फ्रेम 2 नग, टी-टेबल 10 नग, खिड़की फ्रेम 16 नग, खिड़की चौखट 1 नग, टी-टेबल फ्रेम 3 नग, कुर्सी 1 नग, नया पलंग 1 नग, टी-टेबल स्टैंड 2 नग, झूला 1 नग, दिवान फ्रेम 2 नग, बस्तर आर्ट दिवान मुंडी 9 नग, बस्तर आर्ट दिवान फ्रेम 8 नग, बस्तर आर्ट चौखट (बड़ा) 3 नग, चौखट (छोटा) 4 नग एवं बस्तर आर्ट खिड़की फ्रेम 8 नग शामिल हैं। जब्त काष्ठ एवं फर्नीचर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान बढ़ईगिरी में प्रयुक्त विभिन्न औजार जैसे राउटर मशीन, रेंदा, ड्रिल मशीन, कटर, आरी, बटासी, सिंकजा, विद्युत चलित रेंदा मशीन, खराद मशीन एवं मिनी आरा मशीन भी जब्त की गई। साथ ही फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है।
मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 72(1)(ग) अथवा छत्तीसगढ़ वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 15(1) के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19920/16, दिनांक 18.12.2025 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
इस कार्रवाई में वनपाल योगेश्वर कर (स.प.अ. सिंघोडा), रविलाल निर्मलकर (स.प.अ. बलौदा), योगेश्वर निषाद (स.प.अ. सरायपाली), अनिल कुमार प्रधान (स.प.अ. पालीडीह), सरायपाली परिक्षेत्र के समस्त वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों का सराहनीय योगदान रहा।


