बागबाहरा | स्वाभिमान न्यूज़
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंकित बागबाहरा ने अर्नब तूफान से किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार से दिवाली से पहले उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही पटवारियों की हड़ताल और धान खरीदी केंद्रों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने किसानों के सामने एक और संकट खड़ा कर दिया है।
अंकित ने कहा कि शुरुआती किस्म का धान लगाने वाले कई किसानों ने फसल कटाई शुरू कर दी थी और वे उपज बेचने की तैयारी में थे, जबकि अन्य किसानों की फसल पकने की स्थिति में थी। इसी बीच आए तूफान ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दिवाली नजदीक होने के कारण किसानों को आर्थिक सहायता की तत्काल जरूरत है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का सही आकलन कराया जाए और किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6-4 के तहत सहायता तक सीमित न रहकर नियमानुसार अन्य उचित राहत की संभावनाओं पर भी विचार करना चाहिए। साथ ही फसल बीमा कंपनियों से समन्वय कर प्रभावित किसानों को बीमा राशि दिलाने की व्यवस्था की जाए।
अंकित ने कहा कि दिवाली से पहले किसानों के खातों में मुआवजा राशि पहुंचने से उन्हें त्योहार मनाने में मदद मिलेगी। किसानों के हाथ में पैसा आने से स्थानीय बाजारों में भी खरीदारी बढ़ेगी और व्यापारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कृषि कार्यों से जुड़े मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
पटवारियों की हड़ताल से कई काम प्रभावित
अंकित ने बताया कि पटवारियों की हड़ताल के कारण किसानों के एग्रीस्टेक संबंधी कार्य, फौती नामांतरण और विद्यार्थियों के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने बागबाहरा एसडीएम से बातचीत की। अंकित के अनुसार, एसडीएम ने बताया कि इन कार्यों के लिए दो दिन पहले ही आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत संबंधित क्षेत्रों के राजस्व निरीक्षक (आरआई) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
अंकित ने राज्य सरकार से मांग की कि राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से प्रभावित कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए और तूफान से फसल नुकसान झेल रहे किसानों को दिवाली से पहले राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों और कृषि मजदूरों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

