125 करोड़ के कैंसर अस्पताल को PPP मॉडल पर देने पर विनोद चंद्राकर ने उठाए सवाल

महासमुंद | स्वाभिमान न्यूज़

बिलासपुर में निर्माणाधीन स्टेट कैंसर अस्पताल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित किए जाने की तैयारी को लेकर महासमुंद के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को निजी क्षेत्र के हवाले कर रही है और इसका असर गरीब एवं मध्यमवर्गीय मरीजों पर पड़ सकता है।




चंद्राकर ने कहा कि करीब 125 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस अस्पताल में केंद्र और राज्य सरकार की राशि लगी है। उनका दावा है कि अस्पताल का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और संचालन के लिए करीब 289 पदों पर भर्ती की योजना थी। उनके अनुसार पहले सिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से अस्पताल संचालन की योजना थी, लेकिन अब PPP मॉडल के तहत निजी एजेंसी को संचालन सौंपने की तैयारी की जा रही है।


हालिया रिपोर्टों के अनुसार अस्पताल के निर्माण का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और सरकार इसके संचालन के लिए PPP मॉडल पर निजी कंपनियों की तलाश कर रही है। रिपोर्ट में अस्पताल की लागत ₹125 करोड़ तथा केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी क्रमशः ₹70 करोड़ और ₹55 करोड़ बताई गई है।


चंद्राकर ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च पहले से ही गरीब परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल के संचालन में निजी भागीदारी होने पर मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क और उपचार की पहुंच को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।


उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया बढ़ रही है। उन्होंने बिलासपुर के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी अस्पतालों की सेवाओं में निजी भागीदारी का भी मुद्दा उठाया।


पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की कि कैंसर अस्पताल के PPP मॉडल, निजी एजेंसी की चयन प्रक्रिया, मरीजों से प्रस्तावित शुल्क, सरकारी कर्मचारियों की भर्ती तथा गरीब मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !