ललित मुखर्जी | स्वाभिमान न्यूज़
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत पिरदा शाखा के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के अधीन संचालित धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम एवं बम्हनी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान बड़े पैमाने पर बोगस धान खरीदी और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत पत्रकार ललित मुखर्जी द्वारा कलेक्टर महासमुंद से किए जाने के बाद प्रशासन ने जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।
2.84 करोड़ के बोगस धान खरीदी मामले में कलेक्टर ने गठित की जांच टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार गठित जांच दल में तहसीलदार मोहित अमिला, सहकारिता निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक दिव्याशु देवांगन तथा पिरदा शाखा प्रबंधक उसत प्रधान सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम आज 16 मई को संबंधित धान खरीदी केंद्रों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन के साथ दस्तावेजों की जांच करेगी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम में 4805 क्विंटल धान की अनियमितता है, जिसकी समर्थन मूल्य राशि 1 करोड़ 48 लाख 95 हजार 500 रुपये बताई गई है। वहीं बम्हनी धान खरीदी केंद्र में 4375 क्विंटल धान का अनियमितता है, जिसकी शासकीय कीमत लगभग 1 करोड़ 35 लाख 62 हजार 500 रुपये आंकी गई है।
इस प्रकार दोनों केंद्रों में कुल 9180 क्विंटल धान की कथित बोगस खरीदी कर लगभग 2 करोड़ 84 लाख 58 हजार रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों धान खरीदी केंद्रों के प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, धान खरीदी प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, बारदाना प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आज पर्यन्त तक दोनों केंद्रों में करोड़ों रुपये मूल्य के धान की कमी बनी हुई है। मामले को लेकर अब जांच टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

