स्वाभिमान न्यूज़ | हेमसागर यादव
बागबाहरा। वनांचल क्षेत्र में इन दिनों महुआ फूलों की खुशबू के साथ ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्राम बोकरामुडा खुर्द, बोकरामुडा कला, छीनदादर, कण्डिझर और घोठयापानी सहित आसपास के गांवों में महुआ फूल ग्रामीणों के लिए आय का प्रमुख साधन बना हुआ है।
फरवरी से मई माह के बीच पूरे क्षेत्र में महुआ की सुगंध वातावरण को महका देती है। सुबह-सुबह ग्रामीण जंगलों में पहुंचकर महुआ के गिरे हुए फूलों को एकत्रित करते हैं। बढ़ती गर्मी और धूप से पहले ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे मिलकर अधिक से अधिक फूल बीनने में जुट जाते हैं।
गांवों में जगह-जगह महुआ फूलों के ढेर और बांस की टोकरियों में भरे फूल नजर आते हैं। ग्रामीण अपने घरों के आंगन और झोपड़ियों के छप्परों पर इन्हें सुखाते हैं, ताकि बाद में इन्हें बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सके। हर परिवार इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा महुआ फूल संग्रहित करने का प्रयास करता है।
हालांकि, स्थानीय व्यापारियों द्वारा महुआ फूल की खरीदी 40 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है, जिसे लेकर कुछ ग्रामीण बेहतर मूल्य की उम्मीद भी जता रहे हैं।


