स्वाभिमान न्यूज़ | महासमुन्द
देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले में भी महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। जिले के कंडीझेर गांव में ओसराम के निवास पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी शुभ रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है।
यद्यपि वर्ष भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं, किंतु महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव की उपासना करते हैं। रात्रि जागरण कर चारों प्रहर में शिवलिंग का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं बेलपत्र अर्पण किया जाता है।
कंडीझेर में भी भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव से भगवान शिव की आराधना की। घर-घर में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

