महासमुंद | स्वाभिमान न्यूज़
पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान से घबराकर सरकार आम जनता को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ लोकतंत्र और वोट की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ लगातार ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि शादी-ब्याह के सीजन में लोगों ने महीनों पहले ट्रेन टिकट बुक कराए थे, लेकिन झारसुगुड़ा में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर 50 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इनमें हावड़ा-पुणे दुरंतो, दुर्ग-हटिया, हटिया-दुर्ग, बिलासपुर-बक्सर और हावड़ा-अहमदाबाद जैसी ट्रेनें शामिल हैं। कुछ ट्रेनों का रास्ता बदल दिया गया है, जबकि कुछ को राउरकेला स्टेशन पर ही समाप्त किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि ट्रेनें रद्द होने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। उनके मुताबिक, जनवरी से सितंबर के बीच बिलासपुर रेल मंडल से जुड़ी 840 ट्रेनें रद्द की गईं, जबकि 46 मेमू ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया। इसके अलावा तीसरी-चौथी रेल लाइन और अन्य निर्माण कार्यों के चलते कई ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि आखिर विकास कार्यों के नाम पर यात्रियों को बार-बार परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है?
त्योहारों में भी टिकट के लिए मारामारी
चंद्राकर ने कहा कि दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के नजदीक आने के बावजूद स्पेशल ट्रेनों की घोषणा नहीं होने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली जाने वाली नियमित ट्रेनों में सीटें नहीं मिल रही हैं। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग होने से लोगों के लिए त्योहार पर घर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान से सरकार घबराई हुई है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। चंद्राकर ने रेल मंत्रालय से ट्रेनों के रद्द होने के कारण स्पष्ट करने और यात्रियों की परेशानी दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके नाम पर जनता की सुविधा की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

